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छात्र हुए धार्मिक
akshat saxena | 03 Mar 2008

कहते है की भगवान् की अगर सच्चे मन से पूजा की जाए तो वो सबकी सुनते है इसीलिए आप कभी गौर करे तो आपको फरबरी से लेकर मार्च के महीने में सबसे ज्यादा भक्त मिल जायेंगे, आपको हर धार्मिक स्थल पर छात्र-छात्राओ की भीड़ मिल जायेगी जो अपने अपने तरीके से भगवान् को प्रसन्न करने में लगे होंगे कोई अगर हनुमान जी की पूजा कर रहा होगा तो कोई दुर्गा जी को प्रसन्न करने में लगा होगा कोई मस्जिद में नमाज पढ़ रहा होगा तो कोई गुरूद्वारे में मत्था टेक रहा होगा आख़िर ये सब करे भी क्यों नही अब समय भी तो कितना कम रह गया है अरे भाई एक्साम जो आ गए है जी हां ये भीड़ कोई और वजह से नही मन्दिर या मस्जिद में दर्शन कर रही है इन छात्र -छात्राओ को आख़िर बढिया नम्बर से पास जो होना है, इसलिए इतना तो करना ही पड़ेगा न अब भले ही साल के दस महीने भगवन को याद न किया हो उस से क्या फर्क पड़ता है इन दो महीने में भगवन को मना लेंगे अब भले ही ये उस मन्दिर के बाहर से रोज निकलते हो और कभी श्रद्धा से सिर भी न झुकाया हो लेकिन फरबरी और मार्च के महीने में ये सब कुछ भूल कर सीधे भगवन की शरण में आ जाते है इतना ही नही कितने तो ऐसे है जो मन्दिर में ही कितने प्रण कर लेते है जैसे भगवन इस बार पास करा दो अगली बार ऐसा कुछ नही होगा हम मन लगा कर पढ़ाई करेंगे या भगवन इसबार पास करा दो हम मीट खाना छोड़ देंगे या किसी गरीब को कपड़े,रुपए वगैरह दान करेंगे इत्यादी ! जी हां इस समय ये छात्र -छात्र कम और पुजारी ज्यादा बन जाते है इनसे ज्यादा धार्मिक बात करने वाला आपको कोई और दूसरा नही मिलेगा अब जब साल भर इन्होहने ऐसे ही निकाल दिए तो भगवन से ही गुजारिश करनी होगी क्यों की अगर घर पर ये बात कही तो जाहिर सी बात है पापा या मम्मी के क्रोध से इन्हे कोई नही बचा सकता शायद इनका भगवन भी नही, क्यों की माँ बाप तो अपना पेट काट कर इनको किसी तरह पढ़ा रहे है और ये बरखुरदार है जो साल भर तो शादी,पार्टी में मशगूल रहे अब जब सिर पर बोझ आया तो सीधे भगवन की शरण में भागे इतनी भगवन के प्रति भक्ति फरबरी से लेकर मार्च के महीने में मेरे ख्याल से से सिर्फ़ भारत जैसे देश में होती होगी आख़िर इन सब की वजह क्या है क्यों छात्र साल भर मन लगा कर पढ़ाई नही करते क्यों उन्हें हर साल फरबरी मार्च में भगवन से अर्जी लगनी पड़ती है, ये एक बहुत बड़ी समस्या है जिसका हल खोजना बहुत जरूरी है क्यों की जिस तरह से अन्य देशो के बच्चे तेजी के साथ तरक्की कर रहे है हमारे भारत देश के बच्चो को भी उनसे आगे तरक्की करनी है और ये सब तभी सम्भव होगा जब इस देश के बच्चे मन लगा कर पढे क्यों की भगवन भी उन्ही का साथ देते है जो मन लगा कर पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाई करते है इसलिए मैं उन अभिभावकों से कहना चाहता हूँ की उन्हें इस जानकारी से अवगत कराये और उनका सही मार्गदर्शन करे ताकि हमारे देश भारत के बच्चे जो कल का भविष्य है इस देश को और उज्जवल कर सके !

Posted By:- Akshat Saxena

Date:- 03-03-08